व्यासाय विष्णुरूपाय व्यासरूपाय विष्णवे।
नमो वै ब्रह्मनिधये वासिष्ठाय नमो नम:॥
पौराणिक युग की महान विभूति महाभारत, अट्ठारह पुराण, श्रीमद्भागवत, ब्रह्मसूत्र, मीमांसा जैसे अद्वितीय साहित्य-दर्शन के प्रणेता महर्षि पराशर व माता सत्यवती के पुत्र, महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास सद्गुरु के जन्मोत्सव के महापर्व तथा आषाढ़ मास की पूर्णिमा की आप सभी को सपरिवार हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ।
आज इस हर्षजनक अवसर पर चाहे-अनचाहे, जाने-अनजाने, समय-असमय, महर्षि व्यास स्वरुप तथा जीवन में प्रथम-गुरु ‘माता-पिता’ से लेकर हर उस गुरु के चरणों में सादर-साष्टांग प्रणाम जिन की कृपा से मानवता की यात्रा सहज-सुगम हो सकी।🙏🏻
गुरु पूर्णिमा दिन का हिंदुओं के बीच बहुत महत्व है क्योंकि यह सनातन धर्म में सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। यह दिन गुरु या शिक्षक के महत्व को याद करने के लिए मनाया जाता है। इस शुभ दिन पर लोग गुरु की पूजा करते हैं। गुरु पूर्णिमा, जिसे व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, महान ऋषि वेद व्यास की जयंती है. गुरु पूर्णिमा हिंदू महीने आषाढ़ की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है,
ध्यानमूलं गुरोर्मूर्तिः पूजामूलं गुरोः पदम्।
मंत्रमूलं गुरोर्वाक्यं मोक्षमूलं गुरोःकृपा॥
+ There are no comments
Add yours